[HI] দুঃস্বপ্ন ও ভীতিকর স্বপ্ন থেকে সুরক্ষার আমল
संदर्भ एवं धार्मिक महत्व
ঘুমের মধ্যে ভয় পাওয়া বা কষ্টদায়ক দুঃস্বপ্ন দেখা শয়তানের এক প্রকার চক্রান্ত। রাসুলুল্লাহ ﷺ জানিয়েছেন ভালো স্বপ্ন আল্লাহর রহমত কিন্তু ভয়ানক দুঃস্বপ্ন শয়তানের পক্ষ থেকে অন্তরে আতঙ্ক সৃষ্টির অপচেষ্টা মাত্র।
📖पढ़ने योग्य आयात एवं हदीस
1 आयात / हदीसअर-रु'यस-सालिहतु मिनल्लाह, वल-हुलुमु मिनश-शैतान। फ़-इज़ा रआ अहदुकुम मा यकरहू फ़ल्यनफ़ुस अन यसारीही सलासन, वल-यतअव्वाज़ बिल्लाहि मिन शर्रिहा, फ़-इन्नहा ला तदुर्रुह।
अच्छा ख़्वाब अल्लाह की तरफ़ से है और बुरा ख़्वाब शैतान की तरफ़ से। जब तुम में से कोई नापसंदीदा ख़्वाब देखे, तो अपनी बाईं तरफ़ तीन बार हल्की थूक डाले और अल्लाह की पनाह माँगे, तो वह उसे नुक़सान नहीं पहुँचाएगा।
स्रोत: सहीह बुख़ारी अनुवाद
🌿अमल करने का सुन्नत तरीक़ा
ঘুম ভেঙে খারাপ স্বপ্নের প্রভাব অনুভব করলে: ১) অবিলম্বে বাম পাশে তিনবার হালকা থুথু ফেলার মতো ফুঁ দিন। ২) 'আ'উযু বিল্লাহি মিনাশ-শাইত্বানির রাজীম' বলে আল্লাহর আশ্রয় চান। ৩) যে কাতে শুয়েছিলেন তা পরিবর্তন করে অন্য কাতে শুয়ে পড়ুন। ৪) এই স্বপ্নের কথা কারও কাছে প্রকাশ করবেন না।
महत्वपूर्ण सुरक्षा एवं शरीअत निर्देश
रुक़या अल्लाह से हिफ़ाज़त और शिफ़ा मांगने का ज़रिया है; यह डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं है। बीमारी में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। तावीज़ न पहनें और न ही किसी ज्योतिषी या जादूगर के पास जाएं।
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बुरी नज़र (बदनज़र) उतारने का मसनून ग़ुस्ल व वुज़ू का तरीक़ा
अल्लाह के रसूल ﷺ ने फरमाया: 'बुरी नज़र सच है। यदि कोई चीज़ तक़दीर से आगे बढ़ सकती, तो वह बुरी नज़र ही होती। और जब तुमसे ग़ुस्ल करने को कहा जाए, तो ग़ुस्ल कर दो।' (सहीह मुस्लिम 2188)। यदि नज़र लगाने वाले का पता हो, तो उससे वुज़ू करवाकर उस पानी को पीड़ित पर डालना सहीह सुन्नत से साबित रुक़िया व शिफ़ा है।
बुरी नज़र (ऐन) और ईर्ष्या के लिए सहीह रुक़या
रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: 'नज़र का लगना सच है' (मुस्लिम २१८८)। किसी सुंदर चीज़ को देखकर ईर्ष्या या आश्चर्य से नज़र लग सकती है। जिब्रील (अ.) ने स्वयं नबी ﷺ पर नज़र का रुक़या किया था।