१. बुनियादी नियम एवं चेतावनियाँप्रत्यक्ष प्रमाण (Tier A)

तांत्रिक, ज्योतिषी और पाखंडी बाबाओं के पास जाने की मनाही

संदर्भ एवं धार्मिक महत्व

इलाज या जादू काटने के नाम पर किसी ज्योतिषी या पाखंडी तांत्रिक के पास जाना कबीरा गुनाह है। सहीह मुस्लिम में है कि ऐसे लोगों से कुछ पूछने पर ४० रातों की नमाज़ क़बूल नहीं होती। जो मां का नाम पूछे या अजीब नक्शे बनाए, वह धोखेबाज़ है।

📖पढ़ने योग्य आयात एवं हदीस

1 आयात / हदीस
हदीसSahih Muslim 2230• Sahih
مَنْ أَتَى عَرَّافًا فَسَأَلَهُ عَنْ شَيْءٍ، لَمْ تُقْبَلْ لَهُ صَلَاةٌ أَرْبَعِينَ لَيْلَةً
उच्चारण (हिंदी (Devanagari)):

मन अता अर्राफ़न फ़स-अलहू अन शयइन, लम तुक़्बल लहू सलातु अरबईना लैलाह।

अनुवाद एवं अर्थ:

रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया: 'जो व्यक्ति किसी ज्योतिषी या तांत्रिक के पास गया और उससे किसी बात के बारे में पूछा, चालीस रातों तक उसकी नमाज़ क़बूल नहीं होगी।' (इलाज या जादू के लिए पाखंडी बाबाओं के पास जाना हराम है)।

स्रोत: सहीह मुस्लिम

🌿अमल करने का सुन्नत तरीक़ा

जो कोई मां का नाम पूछे या गंदे स्थान पर जाने को कहे, उससे फ़ौरन दूर रहें। अपने घर में स्वयं क़ुरआन की तिलावत करके रुक़या करें।

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महत्वपूर्ण सुरक्षा एवं शरीअत निर्देश

रुक़या अल्लाह से हिफ़ाज़त और शिफ़ा मांगने का ज़रिया है; यह डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं है। बीमारी में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। तावीज़ न पहनें और न ही किसी ज्योतिषी या जादूगर के पास जाएं।

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बुनियादी बातेंप्रत्यक्ष प्रमाण (Tier A)

रुक़या क्या है और इसकी शरीअत शर्तें

रुक़या का अर्थ है अल्लाह की पनाह और शिफ़ा के लिए क़ुरआन की आयात और सुन्नत की दुआएं पढ़कर हल्का सा दम (फूंक) करना। शरीअत की शर्तें: १) यह अल्लाह के कलाम या उसके नामों व गुणों से हो, २) स्पष्ट और समझने योग्य भाषा में हो, और ३) यह पक्का यक़ीन हो कि शिफ़ा सिर्फ़ अल्लाह के हुक्म से है।

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बुनियादी बातेंप्रत्यक्ष प्रमाण (Tier A)

बीमारी में डॉक्टर से इलाज कराना अनिवार्य है

इस्लाम में बीमार होने पर डॉक्टरी इलाज कराना और दवाई लेना सुन्नत और ज़रूरी है। पैगंबर ﷺ ने फरमाया: 'अल्लाह ने कोई ऐसी बीमारी नहीं उतारी जिसकी शिफ़ा (इलाज) न उतारी हो' (बुख़ारी ५६७८)। हर बीमारी को जादू या जिन्न समझना अज्ञानता है।

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