२. दैनिक हिफ़ाज़त एवं मसनून दुआएंप्रत्यक्ष प्रमाण (Tier A)

सोने से पहले की सुरक्षा और आयतुल कुर्सी

संदर्भ एवं धार्मिक महत्व

सोने से पहले आयतुल कुर्सी पढ़ने पर अल्लाह की तरफ़ से एक फ़रिश्ता हिफ़ाज़त के लिए नियुक्त हो जाता है और सुबह तक कोई शैतान पास नहीं आ सकता (बुख़ारी ५०१७)। साथ ही तीन क़ुल पढ़कर दम करना बुरे सपनों से बचाता है।

📖पढ़ने योग्य आयात एवं हदीस

4 आयात / हदीस
क़ुरआनक़ुरआन 2:255
اللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ ۚ لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ ۚ لَّهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۗ مَن ذَا الَّذِي يَشْفَعُ عِندَهُ إِلَّا بِإِذْنِهِ ۚ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ ۖ وَلَا يُحِيطُونَ بِشَيْءٍ مِّنْ عِلْمِهِ إِلَّا بِمَا شَاءَ ۚ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ ۖ وَلَا يَئُودُهُ حِفْظُهُمَا ۚ وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ
उच्चारण (हिंदी (Devanagari)):

अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हुवल हय्युल क़य्यूम। ला ताखुज़ुहू सिनतुंव वला नौम। लहू मा फिस-समावाति वमा फिल-अर्ज़। मन ज़ल्लज़ी यशफ़उ इन्दहू इल्ला बि-इज़निह। यालमु मा बैना अयदीहिम वमा खल्फ़हुम, वला युहीतूना बि-शयइम मिन इल्मिही इल्ला बिमा शा-अ। वसिआ कुरसिय्युहुस समावाति वल-अर्ज़, वला यऊदुहू हिफ़्जु़हुमा, व हुवल अलिय्युल अज़ीम।

अनुवाद एवं अर्थ:

अल्लाह, जिसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं, वह हमेशा ज़िंदा रहने वाला और सब का थामने वाला है। उसे न तो ऊंघ आती है और न नींद। जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है, सब उसी का है। कौन है जो उसकी अनुमति के बिना उसके यहाँ सिफ़ारिश कर सके? वह जानता है जो कुछ उनके सामने है और जो कुछ उनके पीछे है। वे उसके ज्ञान में से किसी चीज़ को घेर नहीं सकते मगर जितना वह चाहे। उसकी कुरसी आसमानों और ज़मीन को घेरे हुए है, और उनकी हिफ़ाज़त उसे थकाती नहीं। वह सबसे बुलन्द और बहुत बड़ा है।

स्रोत: मौलाना फ़तेह मुहम्मद

क़ुरआनक़ुरआन 112:1–4
قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ ۝ اللَّهُ الصَّمَدُ ۝ لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ ۝ وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ
उच्चारण (हिंदी (Devanagari)):

कुल हुवल्लाहु अहद। अल्लाहुस-समद। लम यलिद वलम यूलद। वलम यकुल-लहू कुफ़ुवन अहद।

अनुवाद एवं अर्थ:

कहो, 'वह अल्लाह एक है। अल्लाह निरपेक्ष और सबका सहारा है। न उसने किसी को जना और न वह जना गया। और न कोई उसके बराबर का है।'

स्रोत: मौलाना फ़तेह मुहम्मद

क़ुरआनक़ुरआन 113:1–5
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ۝ مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ۝ وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ۝ وَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ ۝ وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ
उच्चारण (हिंदी (Devanagari)):

कुल अऊज़ु बिरब्बिल फलक़। मिन शर्रि मा ख़लक़। व मिन शर्रि ग़ासिक़िन इज़ा वक़ब। व मिन शर्रिन-नफ़्फ़ासाति फ़िल उक़द। व मिन शर्रि हासिदिन इज़ा हसद।

अनुवाद एवं अर्थ:

कहो, 'मैं पनाह मांगता हूँ सुबह के रब की, हर उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की, और अंधेरी रात की बुराई से जब वह छा जाए, और गांठों में फूंकने वाली जादूगरनियों की बुराई से, और ईर्ष्या करने वाले की बुराई से जब वह ईर्ष्या करे।'

स्रोत: मौलाना फ़तेह मुहम्मद

क़ुरआनक़ुरआन 114:1–6
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ ۝ مَلِكِ النَّاسِ ۝ إِلَٰهِ النَّاسِ ۝ مِن شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ ۝ الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ ۝ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ
उच्चारण (हिंदी (Devanagari)):

कुल अऊज़ु बिरब्बिन-नास। मलिकिन-नास। इलाहिन-नास। मिन शर्रिल वसवासिल खन्नास। अल्लज़ी युवसविसु फ़ी सुदूरिन-नास। मिनल जिन्नति वन-नास।

अनुवाद एवं अर्थ:

कहो, 'मैं पनाह मांगता हूँ इंसानों के रब की, इंसानों के बादशाह की, इंसानों के सच्चे माबूद की—उस छुपकर फुसफुसाने वाले की बुराई से जो इंसानों के सीनों में वसवसा डालता है, चाहे वह जिन्नों में से हो या इंसानों में से।'

स्रोत: मौलाना फ़तेह मुहम्मद

🌿अमल करने का सुन्नत तरीक़ा

बिस्तर पर जाने से पहले आयतुल कुर्सी पढ़ें। फिर दोनों हथेलियों को मिलाकर सूरह इख़लास, फलक़ और नास पढ़ें, हथेलियों पर हल्की फूंक मारें और चेहरे व सिर से शुरू करके पूरे शरीर पर फेरें। यह ३ बार करें।

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महत्वपूर्ण सुरक्षा एवं शरीअत निर्देश

रुक़या अल्लाह से हिफ़ाज़त और शिफ़ा मांगने का ज़रिया है; यह डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं है। बीमारी में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। तावीज़ न पहनें और न ही किसी ज्योतिषी या जादूगर के पास जाएं।

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