बच्चों की हिफ़ाज़त के लिए नबवी दुआ
संदर्भ एवं धार्मिक महत्व
छोटे बच्चों को नज़र और शैतानी असर जल्दी लग सकता है। पैगंबर ﷺ अपने नवासे हसन और हुसैन (रज़ि.) के सिर पर हाथ रखकर पनाह की दुआ मांगते थे। तावीज़ पहनाने के बजाय यह मसनून दुआ पढ़नी चाहिए।
📖पढ़ने योग्य आयात एवं हदीस
1 आयात / हदीसउईज़ुकुमा बिकलिमातिल्लाहित-ताम्माह, मिन कुल्लि शयतानिंव व हाम्माह, व मिन कुल्लि ऐनिल-लाम्माह।
नबी ﷺ हसन और हुसैन (रज़ि.) के लिए इस तरह पनाह मांगते थे: 'मैं तुम दोनों के लिए अल्लाह के संपूर्ण शब्दों की पनाह मांगता हूँ हर शैतान से, ज़हरीले कीड़े से और हर नुक़सानदेह बुरी नज़र से।'
स्रोत: सहीह बुख़ारी
🌿अमल करने का सुन्नत तरीक़ा
बच्चे के सिर पर दाहिना हाथ रखकर पढ़ें: 'उईज़ुका (लड़की के लिए उईज़ुकी) बिकलिमातिल्लाहित ताम्माह...' और हल्की फूंक मारें। रोजाना सुबह, शाम और बाहर जाने से पहले यह अमल करें।
महत्वपूर्ण सुरक्षा एवं शरीअत निर्देश
रुक़या अल्लाह से हिफ़ाज़त और शिफ़ा मांगने का ज़रिया है; यह डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं है। बीमारी में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। तावीज़ न पहनें और न ही किसी ज्योतिषी या जादूगर के पास जाएं।
संबंधित अन्य विषय
दैनिक हिफ़ाज़त के लिए सुबह-शाम के अज़कार
सुबह और शाम के समय नबी ﷺ द्वारा सिखाई गई मसनून दुआएं पढ़ना मोमिन के लिए सबसे मज़बूत ढाल है। यह बुरी नज़र, जादू, शैतानी वसवसों और ज़हरीले जानवरों से अल्लाह की हिफ़ाज़त में रखता है।
सोने से पहले की सुरक्षा और आयतुल कुर्सी
सोने से पहले आयतुल कुर्सी पढ़ने पर अल्लाह की तरफ़ से एक फ़रिश्ता हिफ़ाज़त के लिए नियुक्त हो जाता है और सुबह तक कोई शैतान पास नहीं आ सकता (बुख़ारी ५०१७)। साथ ही तीन क़ुल पढ़कर दम करना बुरे सपनों से बचाता है।