[HI] ঘর ও পরিবারের সুরক্ষা (সূরা আল-বাকারাহ)
संदर्भ एवं धार्मिक महत्व
ঘরকে শয়তান ও দুষ্ট জ্বিনের অনিষ্ট থেকে সুরক্ষার প্রধান সুন্নাহ হলো ঘরে নিয়মিত কুরআন তিলাওয়াত করা এবং বিশেষত সূরা আল-বাকারাহ পাঠ করা। রাসুলুল্লাহ ﷺ ইরশাদ করেছেন যে ঘরে সূরা আল-বাকারাহ তিলাওয়াত করা হয় সেখান থেকে শয়তান পলায়ন করে।
📖पढ़ने योग्य आयात एवं हदीस
1 आयात / हदीसला तज'अलु बुयूताकुम मक़ाबिर, इन्नश-शैताना यनफ़िरु मिनल-बैतिल्लज़ी तुक़रउ फ़ीहि सूरतुल-बक़रह।
अपने घरों को क़ब्रिस्तान न बनाओ। बेशक शैतान उस घर से भाग जाता है जिसमें सूरह अल-बक़रह पढ़ी जाती है।
स्रोत: सहीह मुस्लिम अनुवाद
🌿अमल करने का सुन्नत तरीक़ा
ঘরের মধ্যে নিজেরা নিয়মিত সূরা আল-বাকারাহ তিলাওয়াত করুন অথবা পুরো সূরাটি পরিবারসহ শুনুন। ঘরে প্রবেশের সময় বিসমিল্লাহ বলুন ও সালাম দিয়ে প্রবেশ করুন। কোনো প্রকার ছবি, মূর্তি বা বাদ্যযন্ত্র থেকে ঘরকে পবিত্র রাখুন।
महत्वपूर्ण सुरक्षा एवं शरीअत निर्देश
रुक़या अल्लाह से हिफ़ाज़त और शिफ़ा मांगने का ज़रिया है; यह डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं है। बीमारी में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। तावीज़ न पहनें और न ही किसी ज्योतिषी या जादूगर के पास जाएं।
संबंधित अन्य विषय
दैनिक हिफ़ाज़त के लिए सुबह-शाम के अज़कार
सुबह और शाम के समय नबी ﷺ द्वारा सिखाई गई मसनून दुआएं पढ़ना मोमिन के लिए सबसे मज़बूत ढाल है। यह बुरी नज़र, जादू, शैतानी वसवसों और ज़हरीले जानवरों से अल्लाह की हिफ़ाज़त में रखता है।
सोने से पहले की सुरक्षा और आयतुल कुर्सी
सोने से पहले आयतुल कुर्सी पढ़ने पर अल्लाह की तरफ़ से एक फ़रिश्ता हिफ़ाज़त के लिए नियुक्त हो जाता है और सुबह तक कोई शैतान पास नहीं आ सकता (बुख़ारी ५०१७)। साथ ही तीन क़ुल पढ़कर दम करना बुरे सपनों से बचाता है।