नमाज़ के तशह्हुद में चार चीज़ों से पनाह माँगना
संदर्भ एवं धार्मिक महत्व
नबी ﷺ ने हुक्म दिया कि हर नमाज़ में तशह्हुद पढ़ने के बाद और सलाम फेरने से पहले चार बड़ी चीज़ों से अल्लाह की पनाह माँगें: जहन्नम का अज़ाब, क़ब्र का अज़ाब, ज़िंदगी और मौत का फ़ितना, और मसीह दज्जाल का शर (सहीह मुस्लिम 588)। यह दिन में पाँच बार किए जाने वाला सबसे मज़बूत दैनिक सुरक्षा अमल है।
📖पढ़ने योग्य आयात एवं हदीस
1 आयात / हदीसअल्लाहुम्मा इन्नी अ'ऊज़ु बिका मिन 'अज़ाबि जहन्नम, व मिन 'अज़ाबिल क़ब्रि, व मिन फ़ितनतिल महया वल ममात, व मिन शर्री फ़ितनतिल मसीहिद दज्जाल।
अल्लाह के रसूल ﷺ ने फरमाया: 'जब तुम में से कोई तशह्हुद पढ़ ले, तो चार चीज़ों से अल्लाह की पनाह माँगे: ऐ अल्लाह, मैं तेरी पनाह चाहता हूँ जहन्नम के अज़ाब से, क़ब्र के अज़ाब से, ज़िंदगी और मौत के फ़ितने से, और मसीह दज्जाल के शर से।'
स्रोत: सहीह मुस्लिम
🌿अमल करने का सुन्नत तरीक़ा
हर फ़र्ज़ और नफ़्ल नमाज़ में अंतिम तशह्हुद के बाद और सलाम फेरने से पहले पढ़ें: 'अल्लाहुम्मा इन्नी अ'ऊज़ु बिका मिन 'अज़ाबि जहन्नम, व मिन 'अज़ाबिल क़ब्रि, व मिन फ़ितनतिल महया वल ममात, व मिन शर्री फ़ितनतिल मसीहिद दज्जाल।'
महत्वपूर्ण सुरक्षा एवं शरीअत निर्देश
रुक़या अल्लाह से हिफ़ाज़त और शिफ़ा मांगने का ज़रिया है; यह डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं है। बीमारी में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। तावीज़ न पहनें और न ही किसी ज्योतिषी या जादूगर के पास जाएं।
संबंधित अन्य विषय
दैनिक हिफ़ाज़त के लिए सुबह-शाम के अज़कार
सुबह और शाम के समय नबी ﷺ द्वारा सिखाई गई मसनून दुआएं पढ़ना मोमिन के लिए सबसे मज़बूत ढाल है। यह बुरी नज़र, जादू, शैतानी वसवसों और ज़हरीले जानवरों से अल्लाह की हिफ़ाज़त में रखता है।
सोने से पहले की सुरक्षा और आयतुल कुर्सी
सोने से पहले आयतुल कुर्सी पढ़ने पर अल्लाह की तरफ़ से एक फ़रिश्ता हिफ़ाज़त के लिए नियुक्त हो जाता है और सुबह तक कोई शैतान पास नहीं आ सकता (बुख़ारी ५०१७)। साथ ही तीन क़ुल पढ़कर दम करना बुरे सपनों से बचाता है।