२. दैनिक हिफ़ाज़त एवं मसनून दुआएंप्रत्यक्ष प्रमाण (Tier A)

किसी नए स्थान या सफ़र में ठहरते समय की दुआ

संदर्भ एवं धार्मिक महत्व

किसी नए घर, होटल या अनजान जगह पर रुकते समय पैगंबर ﷺ ने यह दुआ सिखाई है, जो वहाँ से प्रस्थान करने तक हर प्रकार के ज़हरीले कीड़ों और अनिष्ट से सुरक्षा प्रदान करती है।

📖पढ़ने योग्य आयात एवं हदीस

1 आयात / हदीस
हदीसSahih Muslim 2709• Sahih
أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ
उच्चारण (हिंदी (Devanagari)):

अऊज़ु बिकलिमातिल्लाहित-ताम्माति मिन शर्रि मा ख़लक़।

अनुवाद एवं अर्थ:

रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया: 'जो कोई किसी जगह पर रुके और कहे: मैं अल्लाह के संपूर्ण शब्दों की पनाह मांगता हूँ उसकी पैदा की हुई हर चीज़ की बुराई से—तो उस जगह से जाने तक कोई चीज़ उसे नुक़सान नहीं पहुँचा सकती।'

स्रोत: सहीह मुस्लिम

🌿अमल करने का सुन्नत तरीक़ा

नई जगह पहुँचते ही सच्चे दिल से पढ़ें: 'अऊज़ु बिकलिमातिल्लाहित ताम्माति मिन शर्रि मा ख़लक़'। अल्लाह के हुक्म से वहाँ कोई चीज़ आपको नुक़सान नहीं पहुँचाएगी।

⚖️

महत्वपूर्ण सुरक्षा एवं शरीअत निर्देश

रुक़या अल्लाह से हिफ़ाज़त और शिफ़ा मांगने का ज़रिया है; यह डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं है। बीमारी में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। तावीज़ न पहनें और न ही किसी ज्योतिषी या जादूगर के पास जाएं।

संबंधित अन्य विषय

दैनिक हिफ़ाज़तप्रत्यक्ष प्रमाण (Tier A)

दैनिक हिफ़ाज़त के लिए सुबह-शाम के अज़कार

सुबह और शाम के समय नबी ﷺ द्वारा सिखाई गई मसनून दुआएं पढ़ना मोमिन के लिए सबसे मज़बूत ढाल है। यह बुरी नज़र, जादू, शैतानी वसवसों और ज़हरीले जानवरों से अल्लाह की हिफ़ाज़त में रखता है।

5 आयात / हदीसविवरण देखें →
दैनिक हिफ़ाज़तप्रत्यक्ष प्रमाण (Tier A)

सोने से पहले की सुरक्षा और आयतुल कुर्सी

सोने से पहले आयतुल कुर्सी पढ़ने पर अल्लाह की तरफ़ से एक फ़रिश्ता हिफ़ाज़त के लिए नियुक्त हो जाता है और सुबह तक कोई शैतान पास नहीं आ सकता (बुख़ारी ५०१७)। साथ ही तीन क़ुल पढ़कर दम करना बुरे सपनों से बचाता है।

4 आयात / हदीसविवरण देखें →